व्रत में खान-पान क्यों है जरूरी?

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व्रत में खान-पान क्यों है जरूरी?

बहुत सी महिलाएं एक बार ही फलाहार लेती हैं। यह सामान्य महिलाओं के लिए सेहत की दृष्टि से ठीक है, लेकिन जिन महिलाओं को डाइबिटीज है या हृदयरोग है तो उन्हें दिन में कम से कम तीन-चार बार कुछ न कुछ लेते रहना चाहिए, जो महिलाएं इंसुलिन ले रही हैं उन्हें इंसुलिन लगाने केबाद कुछ न कुछ खाना अनिवार्य है।

– जिन महिलाओं का वजन अधिक है, उनके लिए एक बार आहार लेना अच्छा है, क्योंकि इससे उनका वजन नियंत्रित हो जाता है, परंतु वे यह जरूर ध्यान दें कि पानी व अन्य लिक्विड पदार्थ चार घंटे के अंतराल पर जरूर लेना चाहिए।

-डिहाईड्रेशन से आपकी सेहत, खूबसूरती और ब्रेन पर विपरीत असर पड़ता है।

– जिन महिलाओं का वजन बहुत कम है और एक ही बार आहार लेना चाहती हैं तो उनको पौष्टिक लिक्विड जैसे दूध, दही, छाछ, पतली खीर, आलू, टमाटर, लौकी का सूप और फलों का रस लेते रहना चाहिए।

– अगर आप व्रत करती हैं, लेकिन एक से अधिक बार आहार लेती हैं तो यह ध्यान दें कि आपकी थाली में एक साथ एक से अधिक तली हुई चीजें न हों।

-खाने के कुछ देर बाद लिक्विड आहार भी लें, क्योंक व्रत की सामग्री पचाने के लिए शरीर को अधिक पानी की जरूरत होती है।

– यदि आप ड्राईफ्रूट्स व नट्स जैसे मूंगफली, काजू, बादाम, अखरोट, किशमिश, पिस्ता का सेवन करती हैं तो यह ध्यान रखें कि वे कच्चे या भुने हुए हों, तले हुए न हों।

– कोई भी मौसमी फल ले सकती हैं, लेकिन जिन महिलाओं को डाइबिटीज, हृदयरोग या वजन अधिक है तो उन्हें मीठे फल नहीं लेने चाहिए। वे अमरूद, मौसम्मी, सेब, संतरा, नाशपाती ले सकती हैं। सामान्य महिलाएं केला, पपीता, अनार, अंगूर आदि ले सकती हैं।

– कई प्रकार की सब्जियां जो आप व्रत के दिनों में लेती हैं वे सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं जैसे लौकी, परवल, कद्दू, टमाटर, खीरा आदि। इन सब्जियों का सेवन कूटू या सिंघाड़े की पूड़ी के साथ किया जा सकता है या सूप बनाकर ऐसे ही लिया जा सकता है। जिन महिलाओं का वजन अधिक है वे पूड़ी न खाएं।

– आलू का प्रयोग कर सकती हैं, परंतु उबले आलू में धनिया, पुदीना की चटनी, नींबू का रस, भुना जीरा व चाहें तो सेंधा नमक डालकर ले सकती हैं। इसी प्रकार अरबी का भी प्रयोग कर सकती हैं।

– व्रत के भोजन में नींबू का प्रयोग अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह एंटीआक्सीडेंट होता है और हमें बीमारियों से बचाता है।

– खाने में देशी घी का प्रयोग बहुत कम मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इससे कोलेस्ट्राल व वजन बढ़ता है।

– दिन में भूख लगने पर कोई एक फल, सलाद के रूप में खीरा, टमाटर व नट्स का सेवन कर सकती हैं।

– सेहत सही रखने के लिए दूध का किसी भी रूप में सेवन किया जाए जैसे दही, छांछ, लस्सी, घर का बना पनीर, खोया, छेना।

– लौकी या आलू का रायता बना सकती हैं या कूटू की कढ़ी भी बनाकर खा सकती हैं। यह सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा।

– व्रत के दिनों में प्रयास करें कि रोज बदल-बदलकर आहार लें, जिससे हर प्रकार के पौष्टिक तत्व आपको मिल सकें।

– दो आहार के बीच में समय का बहुत ज्यादा अंतर न हो, नहीं तो आपको चक्कर, कमजोरी आ सकती है। यही नहीं खाली पेट में एसिड बनने से उल्टियां भी शुरू हो सकती हैं।

– सबसे जरूरी बात याद रखें कि व्रत के दिनों में दवाईयों का सेवन करने से व्रत नहीं टूटता है, क्योंकि आखिर यह आपकी जिंदगी का सवाल है। अगर आप दवाईयां, सीरप, इंजेक्शन ले रही हैं तो इन्हें निर्धारित समय पर अवश्य लेती रहें।