यह मन भटकने से बचाएंगे 4 व्यायाम

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हमारी जिंदगी में इतनी भागदौड़ है कि अक्‍सर हमारे लिए जरूरी चीजों में ध्यान केंद्रित करना मुश्किल लगता है। न्यूरोसाइंटिस्ट अमिषी झा का कहना है कि मन भटकने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे तनाव के अलावा स्मार्टफोन, टीवी और रोजमर्रा की चीजें शामिल हो सकती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ मायामी के साईकोलॉजी विभाग में प्रोफेसर अमिषी का कहना है कि कुछ खास तरह के व्यायाम मन लगाने या ध्यान केंद्रित करने में हमारी मदद कर सकते हैं।

सांसों की लय पर गौर करें
आराम से सीधे होकर बैठ जाएं। अपना सारा ध्यान सांसों के लय पर केंद्रित करें। नाक से आती–-जाती हवा या पेट के अंदर-बाहर होने की क्रिया पर गौर करें। इससे आपको लंबी अवधि में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।

अमिषी कहती हैं कि यह जरूरी नहीं कि पैरों के थिरकने का मतलब डांस से ही हो। कदमों में थिरकन तब भी होती है, जब आप चल रहे होते हैं। सुबह की ताजी  हवा में टहलते हुए अपने पैरों की थिरकन को महसूस करें। हवा का संगीत, आपकी त्वचा को छूकर जाती हुई हवा का एहसास। अमिषी कहती हैं कि इस व्यायाम के लिए घर से बाहर निकलना जरूरी नहीं है।

अपने शरीर पर गौर करें
मन को भटकने से बचाने के लिए जरूरी व्यायामों में अपने शरीर पर ध्यान देना भी शामिल है। अपने ध्यान को फ्लैशलाइट की तरह समझें और इसकी मदद से अपने शरीर को स्कैन करें। यह एक तरह का निर्देशित स्कैन होना चाहिए, जिसमें आप अपने ध्यान को शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर लगाएं। मिसाल के तौर पर अपना ध्यान पैर की उंगलियों पर लगाएं। यहां से धीरे-धीरे तलवे, एड़ी और पैरों व पेट की तरफ बढ़ें। शरीर को ढीला छोड़ दें और अपना मन अपनी इच्छा से एक जगह से दूसरी जगह केंद्रित करें।

खुद को एकाग्र करने का यह सबसे अच्छा तरीका होता है। अमिषी कहती हैं कि विचार कई बार हमारे डर का कारण बन जाते हैं और यह मन भटकने की वजह भी है। इससे बाहर निकलना है तो शांत होकर सीधे बैठ जाएं और अपने दिमाग में विचारों को आने दें। अच्छे-बुरे अनुभव, डर, गुस्सा, द्वेष, प्रेम, लगाव या करुणा कुछ भी और कैसा भी भाव हो बस उसे अपने मन में आने से रोके नहीं। जो भी भाव आपके मन आ रहे हैं, उसके साथ खुद को पूरी तरह से जोड़ लें। धीरे-धीरे आप देखेंगे कि आपका मन अपने डर से उबरने लगेगा। यह आसान नहीं है तो मुश्किल भी नहीं है। बस कुछ दिनों के अभ्यास की जरूरत है।