पपीते की चाय अंदर तो गठिया का रोग छू-मंत्र

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गठिया एक बहुत बड़ी और गंभीर समस्या है। जिससे लोग काफी लंबे समय तक परेशान रहते है। गठिया का मुख्य कारण शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का बढ़ना है। आप पपीते की चाय का सेवन कर आसानी से इस समस्या से निजात पा सकते है।

गठिया होने का कारण

जब खून और ऊतकों में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब गठिया रोग होता है। गाउट में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो जाते हैं, जो एक प्रकार के अर्थराइटिस को जन्म देते हैं जिसे गाउटी अर्थराइटिस कहा जाता है।

यह गुर्दों में भी जमा हो जाते हैं जिससे गुर्दे की पथरी होती है। मोटापा या अचानक वजन बढ़ने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है क्योंकि शरीर के ऊतक ऐसी स्थिति में प्‍यूरिंस को ज्यादा तोड़ते हैं। प्‍यूरिंस एक प्रकार का रसायन है, यही रसायन यूरिक एसिड को बढ़ता है। जो कि गठिया का कारण बनता है।

गठिया में पतीते की चाय
पपीते की चाय के बारें में बहुत ही कम लोग जानते है। लेकिन मेडिकल साइंस में इस चाय का बहुत अधिक महत्व है। यह गठिया के साथ-साथ कई और रोगों से निजात दिला देता है। यह शरीर में जाकर यूरिक एसिड की मात्रा घटाता है। जिससे सूजन आसानी से कम हो जाती है। जानिए इसे बनाने की विधि के बारें में।

पपीता की चाय बनाने के लिए आपको चाहिए

  • 800 मिलीग्राम पानी
  • 180 ग्राम कच्चा पतीता टुकड़ों में कटा हुआ।
  • 2 ग्रीन टी बैग

ऐसे बनाएं पपीता की चाय
सबसे पहले एक पैन में पानी और पपीता डालकर अच्छी तरह से उबाले। कम से कम 10 मिनट उबालने के बाद गैस बंद कर दें और इसे छन्नी की सहायता से छान लें।

अब इस चाय को एक कप में ले और इसमें ग्रीन टी बैग डालकर कुछ मिनट रखें। फिर इसका सेवन गर्मागर्म करें।

पपीते की चाय पीने के फायदे

  • यह गठिया के अलावा शरीर में किसी भी तरह की सूजन हो। उससे निजात दिलाता है।
  • पाचन तंत्र को रखे ठीक।
  • शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालता है।
  • प्लेटलेट्स की कमी को पूरा करें।