लेकिन इनसे करें परहेज,डायबिटीज में ले सकते है आम का मजा

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आम का नाम सुनते लोगों के मुह में पानी आ जाता है और हर कोई इस गर्मी के सीजन में आम खा रहा है या आम का जूस पी रहा है। लेकिन डायबिटीज से पीड़ित लोग हमेशा यहीं सोचते हैं कि वह आम खाएं या ना खाएं। तो आपको बता दें कि आप आम खा सकते हैं लेकिन ज्यादा मात्रा में नहीं।

डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर लेवल बहुत अधिक हो जाता है, क्योंकि शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, जिसके परिणाम स्वरूप कई नकारात्मक लक्षण उत्पन्न होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार आम में डायबिटीज को कंट्रोल करने के गुण होते हैं। आम में विटामिन ए और फाइबर सामग्री अधिक होती है, इसलिए वे डायबिटीज के रोगियों में आंतरिक अंगों की इंफ्लेमेटरी प्रतिक्रिया को कम कर सकते हैं। इसके अलावा, आम डायबिटीज मरीजों के रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बनाए रख सकते हैं, और उन्हें स्पाइकिंग से रोक सकते हैं, इस प्रकार इस बीमारी को नियंत्रण में रख सकते हैं।

डायबिटीज बीमारी से जुड़ी जानकारी रखने वाली अंशिका गुप्ता का बताया, “डायबिटिक लोगों को अपने रक्त ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रण में रखना चाहिए। स्तरों को जांच में रखने के लिए डायबिटिक डाइट का पालन करना चाहिए। इस स्थिति में लोगों को लगभग 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट वाले फल को खाना चाहिए। डायबिटीज से पीड़ित लोग 1 स्लाइस या ज्यादा से ज्यादा आधा आम खा सकते हैं।”

पोषण विशेषज्ञ नज़ीम सैफी ने बताया कि आम खाने से पाचन तंत्र सही रहता है। आम में भारी मात्रा में फाइबर होता है, इसके अलावा इसमें विटामिन सी भी होता है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है।

आम एक फल है जो विभिन्न पोषक तत्वों और खनिजों में समृद्ध है। आम में उच्च कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए, मुँहासे को कम करने, नेत्र स्वास्थ्य में सुधार, यौन स्वास्थ्य को सक्षम करने, अम्लता को कम करने, हृदय स्वास्थ्य में सुधार, स्ट्रोक को रोकने आदि के लिए जाना जाता है। इसमें कैंसर को रोकने के लिए गुण पाए गए हैं।