Nipah वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय

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निपाह वायरस (NiV) के इंसानों में संक्रमण का पता चिकित्सीय जांचों द्वारा लगाया जा सकता है। निपाह के संक्रमण की जांच शुरुआती दौर से लेकर श्वसनतंत्र के गंभीर रूप से प्रभावित होने और जानलेवा इन्सेफेलाइटिस होने तक कराई जा सकती है।

जानें निपाह के कुछ प्रमुख लक्षण-
1- इस बीमारी में शुरुआती तौर पर दिमाग में तेज जलन (इन्सेफेलाइटिस), सिर दर्द और बुखार होता है।

2- बुखार के साथ मानसिक रूप से सुस्त होना और कन्फ्यूजन होना। कुछ मामलों में सांस लेने में भी तकलीफ हो सकती है।

3- 24 से 48 घंटे में यदि लक्षण काबू में न हों तो इंसान कोमा में चला जाता है और फिर प्रभावी इलाज न मिला तो इंसान की मौत हो जाती है।

निपाह के इंफेक्शन से कैसे बचें?
1- निपाह वायरस मूल रूप से जानवरों से इंसान में फैलता है इसलिए जानवरों के सीधे संपर्क में आने से बचें।

2- यह वायरस से इंसान से इंसान में भी तेजी से फैलता है ऐसे में इस वायरस से पीड़ित शख्स के पास बिना सुरक्षा उपाय के न जाएं।

3- निपाह वायरस का वाहक फलों का रस चूसने वाले चमगादड़ होते हैं इसलिए जमीन पर गिरे या कटे और गंदे फल न खाएं।

4- फलों को यथा उचित धुलकर खाएं।

5- किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में जाएं।