कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका वाड्रा गांधी नहीं पहुंची यूपी में प्रचार करने, आखिर क्यों?

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कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका वाड्रा गांधी नहीं पहुंची यूपी में प्रचार करने, आखिर क्यों?

लखनऊ: देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में पिछले दो दशक से पिछड़ चुकी कांग्रेस अपने उत्थान की हर कोशिश कर रही है. ऐसे में जरूरत पर पहली बार राज्य में कांग्रेस पार्टी ने सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी से गठबंधन भी किया है. माना जा रहा था कि इस गठबंधन ने समाजवादी पार्टी को भले ही ज्यादा फायदा न मिले लेकिन कांग्रेस की यह रणनीति उसे दोबारा राज्य में एक अहम स्थान दिलाने में मददगार साबित होगी. इसी रणनीति के तहत कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ कुछ रोड शो भी किए और संयुक्त प्रेसवार्ता भी की. कहा जाता है कि कांग्रेस-समाजवादी पार्टी गठबंधन में प्रियंका गांधी की अहम भूमिका रही है.

वहीं, राज्य में कांग्रेस पार्टी का गढ़ माने जाने वाले दो जिले रायबरेली और अमेठी जहां से इंदिरा गांधी और राजीव गांधी क्रमश: चुनाव लड़ा करते थे, पर कांग्रेस हमेशा सीटों को लेकर दावा करती रही है. इस बार भी पार्टी ने गठबंधन के बाद इन सीटों पर दावा किया. गठबंधन से पहले यह कहा जा रहा था कि इन्हीं सीटों पर प्रियंका वाड्रा प्रचार के लिए जाएंगी. लेकिन, गठबंधन के बाद भी इन दोनों जिलों पर सीटों को लेकर दोनों पार्टियों में कोई समझौता नहीं हुआ है. कुछ ऐसी सीटें हैं जहां पर समाजवादी पार्टी अपना दावा कर रही है और कांग्रेस पार्टी भी दावा कर रही है. दोनों ही पार्टी ने अपने-अपने उम्मीदवार खड़े कगदर दिए हैं और कोई भी उम्मीदवार नाम वापस लेने को तैयार नहीं है. इससे तो यह साफ है कि इन सीटों पर दोनों ही दल अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं.

अभी तक की जानकारी और इन सीटों से मिली रिपोर्ट के आधार पर कहा जा सकता है कि कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली में भी पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार नहीं करेंगी. जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी को सोमवार को रायबरेली से कैंपेन की शुरुआत करनी थी. लेकिन, वो नहीं पहुंचीं. उनके ना आने से कांग्रेसी खेमे में मायूसी का माहौल है. हालांकि, कांग्रेसियों को उम्मीद है कि प्रियंका गांधी एक दिन के लिए यहां पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए जरूर आएंगी. हालांकि, दौरा किस वजह से टाला गया है कि फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है.

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी-कांग्रेस अलायंस के बाद इस तरह की खबरें थीं कि प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव साथ में चुनाव प्रचार करेंगी.

फिलहाल सात में से एक चरण का मतदान हो चुका है. बुधवार को दूसरे चरण का मतदान है. लेकिन प्रियंका गांधी अब तक उत्तर प्रदेश में नहीं आईं हैं. कुछ दिनों पहले, कांग्रेस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था कि प्रियंका सिर्फ अमेठी और रायबरेली में प्रचार करेंगी. लेकिन, सोमवार को जब तय कार्यक्रम के बाद भी प्रियंका वाड्रा (गांधी) रायबरेली नहीं पहुंचीं तो उनके कैंपेन करने को लेकर सवाल खड़े हो गए.

बता दें कि कार्यक्रम के अनुसार प्रियंका गांधी को 13 से 15 फरवरी तक रायबरेली और 16 से 18 फरवरी तक अमेठी में प्रचार की कमान संभालनी है. जानकारी के लिए बता दें कि प्रियंका गांधी के पास एसपीजी सुरक्षा है. इसलिए उनके कार्यक्रम को पहले ही स्थानीय प्रशासन को बताया जाता है.

बता दें कि प्रियंका गांधी ने 2012 के चुनाव में अमेठी-रायबरेली में 31 रैली कीं थीं. लेकिन कांग्रेस को यहां सिर्फ दो सीटें मिल पाईं. दोनों जिलों में 10 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से एक सीट तिलोई थी. लोकसभा चुनाव में भी अमेठी पर समाजवादी पार्टी ने यहां पर अपना प्रत्याशी न खड़ा कर राहुल गांधी का साथ दिया था. बावजूद इसके स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी.