मां की ममता! 11 दिन के बेटे को खोने के बाद जरुरतमंद बच्चों को पिला रही हैं अपना दूध

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मां की ममता! 11 दिन के बेटे को खोने के बाद जरुरतमंद बच्चों को पिला रही हैं अपना दूध

अपनी पोस्ट में एरिल ने लिखा कि जब मेरा फ्रीजर खाली हुआ तब तक मैं आधिकारिक तौर पर 23,00 औंस मिल्क डोनेट कर चुकी थी। बच्चों को स्वस्थ और वृद्धि में मदद करने के लिए खुद को बहुत खुशनसीब महसूस करती हूं।

अपना बच्चा खोना किसी मां के लिए सबसे ज्यादा तकलीफ देह होता है। नौ महीने तक कोख में रखकर पालना फिर उसे जन्म देना और कुछ दिन बाद उस बच्चे की मौत होने के बाद जो तकलीफ होती है उसे समझना आसान नहीं है। लेकिन एक मां ऐसी भी है जो बच्चे को खाने के सदमे से उभरने के बाद दूसरे बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए मदर मिल्फ डोनेट कर रही है। इस महिला का नाम एरिल मैथ्यूज है। वह बच्चे की मौत जन्म के 11 दिन बाद हो गई थी। वह जरुरतमंद माओं को अब तक 2,370 औंस (अपने शरीर के वजन से भी ज्यादा) ब्रेस्ट मिल्क दान कर चुकीं हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में दी। एरिल के मुताबिक वह करीब 18.5 गैलन या 148lbs ( करीब 68 किलो) मिल्क डोनेट कर चुकी हैं। उन्होंने अपने दिलदहला देने वाले पोस्ट में इसके लिए अपने बेटे रेनॉन का शुक्रिय अदा किया है, जिसके वजह से वह तीन बच्चों को आशीर्वाद दे सकीं।

अपनी पोस्ट में एरिल ने लिखा कि जब मेरा फ्रीजर खाली हुआ तब तक मैं आधिकारिक तौर पर 23,00 औंस मिल्क डोनेट कर चुकी थी। बच्चों को स्वस्थ और वृद्धि में मदद करने के लिए खुद को बहुत खुशनसीब महसूस करती हूं। मेरे बेटे एरिल की जन्म के 11 दिन बाद मौत हो गई थी। उसके दिल में कुछ समस्या और ब्रेन में ब्लीडिंग की दिक्कत थी। उन्होंने बताया कि वजन कम करने के लिए ब्रेस्ट मिल्क डोनेट करने का आइडिया उन्हें उनके पिता ने दिया था।

हालांकि अफसोस की बात है कि एरिल के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले उन्होंने अपने वह अपने बेटे खो चुकी हैं। उन्होंने लिखा कि मैंने हर स्टेज पर बच्चे को खोने का दर्द महसूस किया है, पहली बार मिसकैरेज और अब यह। सोचने वाली बात है कि आखिर इतना सब होने के बाद भी वह दूसरों के बारे में इतना सोचती हैं। एरिल ने लिखा- “मेरे दो बच्चों के जन्नत में जाने के बाद मैं अब तक 2810 औंस मिल्क डोनेट कर चुकी हूं। एरिल ने माना कि जब उनका बच्चा एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) पर तो वह उसे जिंदा रखना चाहती थी, लेकिन मैं जानती थी कि यह संभंव नहीं है। तुम्हारी जिंदगी के 11 दिन हमेशा मेरी जिंदगी में याद बनकर रहेंगी।