12 जून को सिंगापूर में मिलेंगे ट्रम्प और तानाशाह

63

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के राजदूत किम योंग चोल से शुक्रवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान राजदूत ने उन्हें उत्तर कोरियाई नेता का पत्र सौंपा। ट्रंप ने कहा है कि वह 12 जून को सिंगापुर में किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे।

वाल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक माना जा रहा है कि किम जोंग उन ने ट्रंप के साथ शिखर वार्ता में दिलचस्पी दिखाई है। यह वार्ता 12 जून को सिंगापुर में प्रस्तावित है। मुलाकात के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के प्रतिनिधियों से कहा कि वे सिंगापुर जाने की तैयारी करें

किम के बेहद करीबी माने जाने वाले चोल अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंम्पिओ से दो दिन बातचीत करने के बाद वाशिंगटन पहुंचे हैं। चोल का नाम अभी तक अमेरिका की प्रतिबंधित सूची में था। यह प्रतिबंध अभी भी है अथवा नहीं इस पर कुछ पता नहीं चल पाया है। वह कल तक यहां रूक सकते हैं। किसी उत्तर कोरियाई अधिकारी ने 18 साल बाद ओवल कार्यालय में अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात की है।

सब कुछ परमाणु शक्ति पर अटका

अब 65 साल पुरानी दुश्मनी जब दोस्ती की ओर कदम बढ़ा चुकी है तो अमेरिका उत्तर कोरिया को यह समझाने में कामयाब हो पाएगा कि वह अपने परमाणु हथियार नष्ट कर दे जो कि अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता का कारण हैं? विशेषज्ञों की राय देखें तो उत्तर कोरिया शायद ही कभी ऐसा करने के लिए तैयार हो।

क्योंकि तानाशाह किम जोंग उन कई बार यह कह चुके हैं कि उन्हें परमाणु शक्ति संपन्न रहने की जरूरत है जिससे कि वह अमेरिका से अपनी रक्षा कर सकें। ऐसा भी माना जा रहा है कि किम जोंग उन अपने देश के लोगों में अपनी धाक जमाने के लिए भी परमाणु शक्ति का इस्तेमाल कर रहा है। ताकि लोग अपने देश के शक्तिशाली नेता और हथियारों पर गर्व कर सकें और उसका शासन सुचारू रूप से चलता रहे।